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“उस हवेली का दरवाज़ा रात 2 बजे खुद खुलता था… और अंदर से आती थी बच्चों के रोने की आवाज़!”

गाँव की हवेली में आरव

बरसात की एक डरावनी रात, उत्तर प्रदेश के छोटे से गाँव भैरवपुर में लौटे पत्रकार आरव को “काली हवेली” का वह रहस्य बेचैन कर देता है जिससे पूरा गाँव दशकों से डरता आया है। अमावस्या की रातों में हवेली से आती चीखें, बच्चों के रोने की आवाज़ें और अचानक गायब हो जाने वाले लोग… सब कुछ किसी अभिशाप जैसा था। जब आरव को हवेली के मालिक ठाकुर विराज सिंह और उसकी काली तांत्रिक साधना के बारे में पता चलता है, तो वह सच जानने निकल पड़ता है। लेकिन उसे अंदाज़ा भी नहीं था कि उस हवेली में सिर्फ मौत नहीं… कुछ और उसका इंतज़ार कर रहा था।

“उस रात उसने सिर्फ मेरा हाथ नहीं पकड़ा था… उसने मेरी जिंदगी कैद कर ली थी।”

“जिस आदमी से मुझे प्यार हुआ… वही मेरी बर्बादी का सबसे खूनी राज निकला।” दिल्ली की ठंडी रातें हमेशा से अजीब थीं, लेकिन उस रात में कुछ और ही था। हवा में धुंध कम और बेचैनी ज्यादा तैर रही थी। सड़कें लगभग खाली थीं, फिर भी ऐसा लग रहा था जैसे कोई हर मोड़ पर … Read more

“उस रात मेरे कमरे में जो आदमी आया…वो मैं ही था।”

रात

“मेरी पत्नी तीन साल पहले मर चुकी थी… फिर पिछले छह महीनों से मेरे साथ कौन रह रहा था?” बारिश उस रात कुछ ज़्यादा ही अजीब थी। सिर्फ बाहर नहीं, बल्कि आरव के दिमाग के अंदर भी जैसे बूंदें गिर रही थीं। हर आवाज़ उसे बेचैन कर रही थी। घड़ी की टिक-टिक, बिजली की चमक, … Read more

भूतिया हवेली का इश्क

भूतिया हवेली का इश्क

नेहा और उसका दोस्त रोहन अपने दोस्तों के साथ एक पुरानी हवेली में घूमने जाते हैं, जहाँ रात होते ही अजीब घटनाएँ शुरू होने लगती हैं। हवेली में भटक रही राधा की आत्मा अपने अधूरे प्यार को छोड़ नहीं पाई है। जैसे-जैसे रात गहराती है, दोस्त एक-एक करके डर और रहस्यों में फँसते जाते हैं। प्यार, मौत और आत्माओं के बीच उलझी यह कहानी आख़िर तक सस्पेंस और डर बनाए रखती है।

“वसीयत के उस एक पन्ने ने पूरे परिवार को दुश्मन बना दिया”

वसीयत

शुक्ला हवेली में एक वसीयत के सामने आते ही पूरे परिवार की नींव हिल जाती है। वर्षों से छिपे रिश्तों के सच, अपमान, धोखे और अधूरे दर्द धीरे-धीरे सबके सामने आने लगते हैं। अमन को पता चलता है कि जिस आदमी को वह पिता मानता रहा, वह उसका असली पिता ही नहीं है। परिवार के हर सदस्य के अंदर दबे जख्म बाहर आने लगते हैं और एक सच पूरे घर को टूटने के कगार पर ला खड़ा करता है।