भूतिया हवेली का इश्क
नेहा और उसका दोस्त रोहन अपने दोस्तों के साथ एक पुरानी हवेली में घूमने जाते हैं, जहाँ रात होते ही अजीब घटनाएँ शुरू होने लगती हैं। हवेली में भटक रही राधा की आत्मा अपने अधूरे प्यार को छोड़ नहीं पाई है। जैसे-जैसे रात गहराती है, दोस्त एक-एक करके डर और रहस्यों में फँसते जाते हैं। प्यार, मौत और आत्माओं के बीच उलझी यह कहानी आख़िर तक सस्पेंस और डर बनाए रखती है।