“सत्तरवीं मंज़िल का अकेला आदमी”
विहान ने जिंदगीभर पैसा कमाया ताकि कभी कमजोर महसूस न करे, लेकिन सफलता की ऊँचाइयों पर पहुँचकर उसे एहसास हुआ कि उसने सुकून और रिश्ते खो दिए हैं। मीरा से मिलने के बाद उसकी जिंदगी बदलने लगी और पहली बार उसने समझा कि असली अमीरी बैंक बैलेंस नहीं बल्कि अंदर की शांति होती है।