“जब रिश्तों की आवाज़ धीमी पड़ गई”
काव्या की कहानी एक अधूरी मोहब्बत है जहाँ रिश्तों की खामोशी, परिवार की सोच और फैसलों की दूरी उसे आरव से दूर कर देती है, लेकिन यादें हमेशा जिंदा रहती हैं।
काव्या की कहानी एक अधूरी मोहब्बत है जहाँ रिश्तों की खामोशी, परिवार की सोच और फैसलों की दूरी उसे आरव से दूर कर देती है, लेकिन यादें हमेशा जिंदा रहती हैं।