सिंहासन बत्तीसी: सातवीं पुतली कौमुदी
सिंहासन बत्तीसी: सातवीं पुतली कौमुदी ने राजा भोज को यह कथा सुनाई— एक रात राजा विक्रमादित्य अपने शयन-कक्ष में विश्राम कर रहे थे। चारों ओर गहरा सन्नाटा पसरा हुआ था। अचानक उनकी नींद किसी स्त्री के करुण क्रंदन से टूट गई। वह रोने की आवाज इतनी दर्दभरी थी कि सुनते ही उनका हृदय व्याकुल हो … Read more