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पंचतंत्र की प्रमुख कहानियाँ: अपरीक्षितकारक

पंचतंत्र

दो सिर वाला जुलाहा पंचतंत्र : बहुत समय पहले मन्थरक नाम का एक जुलाहा अपने परिवार के साथ एक गाँव में रहता था। वह कपड़ा बुनकर किसी प्रकार अपना और अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। एक दिन दुर्भाग्यवश उसके करघे और कपड़ा बुनने के सभी उपकरण टूट गए। उन उपकरणों को दोबारा बनाने के … Read more

पंचतंत्र की प्रमुख कहानियाँ: संधि-विग्रह

पंचतंत्र

कौवे और उल्लू के बैर की कथा पंचतंत्र: एक समय की बात है, हंस, तोता, बगुला, कोयल, चातक, कबूतर, उल्लू और अनेक पक्षियों ने मिलकर एक बड़ी सभा आयोजित की। सभी पक्षियों का मानना था कि उनके राजा वैनतेय केवल भगवान वासुदेव की भक्ति में लगे रहते हैं और पक्षियों की रक्षा तथा उनके हितों … Read more